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Sadhna Sargam

पहला नशा ही वह गीत है जो मेरी ज़िंदगी का टर्निंग प्वॉइंट साबित हुआ था :साधना सरगम

कोलकाता,नि.सं l भारतीय सिनेमा की मशहूर पार्श्व गायिका साधना सरगम का कहना है कि जो जीता वही सिकंदर फ़िल्म का एक एक गीत 'पहला नशा' ही वह गीत है, जो उनकी ज़िंदगी का टर्निंग प्वॉइंट साबित हुआ था. हालांकि उनके कुछ और गीत जैसे सात समुंदर पार, गज़र ने किया है इशारा, बिन साजन झूला झूलूं, तुझसे क्या चोरी है,ऐतबार नहीं करना इत्यादि काफी हिट हुए थे.

जी हां, हाल ही में साधना खड़गपुर में अपने परफॉर्मेंस के लिए आई थीं और उस दौरान उन्होंने भारतमित्र अखबार से बातचीत करते हुए उपरोक्त बातें कही.

आजकल बॉलीवुड की म्यूजिक सिनेरियो बदल रहा है,इस पर आप क्या कहना चाहेंगी, के जवाब में उन्होंने कहा, जी हां, वक़्त के साथ सब बदल रहा है. आज भी जिस गाने की लिरिक्स एवं म्यूज़िक अच्छी होती है, मैं वही गाने गाती हूं. अगर उसमें मॉडर्न अरेंजमेंट्स हो तो बेहतर है.

'बंगाल में परफॉर्मेंस के दौरान मैं बांग्ला गीत, नाइंटीज के गाने एवं कुछ पुराने और आजकल के नये गाने की मेडली करती हूं,' जी हां, जब साधना से यह पूछा गया कि आज आप क्या परफॉर्म करनेवाली हैं, के जवाब में उन्होंने उपरोक्त बातें कही.

साधना ने आजकल के सिंगरों के बारे में बातचीत करते हुए कहा, अरिजीत सिंह, श्रेया घोषाल और सुनिधी चौहान मेरे पसंदीदा सिंगर्स हैं.

आपका कोई पसंदीदा कम्पोज़र जिसका जिक्र किये बिना आप नहीं रह सकती,पूछने पर उन्होंने कहा, किसी एक का नाम नहीं ले सकती. लेकिन पंचम दा, सलिल दा,हेमन्त जी,कल्याणजी- आनंदजी और लक्ष्मीकांत प्यारेलाल उल्लेखनीय हैं. 

'लता जी के कुछ रोमांटिक गीत एवं आशा जी के कुछ क्लासिकल बेस्ड गाने हैं, जिनको सुनने से ऐसा लगता है कि कैसे उन्होंने गाया होगा. उन दिनों में पंचिंग और डबिंग नहीं होती थी.ऐसे गाने काफी सुनती हूं, जी हां, साधना से ये पूछने पर कि ऐसा कोई गीत है, जिसे सुने बगैर आप रह नही सकती, के जवाब में उन्होंने उपरोक्त बातें कही.

आपको बता दें, साधना महानगर आने पर वेजिटेरियन खाना खाना  ज़्यादा पसंद करती हैं, जिसमें आलू पस्तो खास है. वैसे झालमुड़ी, गुड़ की मिठाई भी वे खूब पसंद करतीं हैं.

आनेवाले दिनों में आपकी पपरियोजनाओं के बारे में बताए, पूछने पर उन्होंने कहा, हाल ही में स्टार जलसा चैनल में प्रसारित होने जा रही शो सुपर सिंगर में बतौर गेस्ट जज बनकर आई थी. ऐसे कई रियलिटी शोज का हिस्सा बनना, कंसर्ट्स, डिवोशनल एलबम्स इत्यादि से जुड़ी हुई हूं.

साधना ने अपनी ज़िंदगी से जुड़ी हुई सबसे यादगार लम्हे को साझा करते हुए कहा, एक बार कुमार शानू ने मुझसे आकर कहा था, जब कोई बात बिगड़ जाए वाला गीत उन्होंने अस्पताल में एक ऐसे मरीज़ को सुनाया है जो अपनी ज़िंदगी की चंद घड़ियां गिन रहा था, मुझे ये बात सुनकर अच्छी लगी और ये महसूस हुआ कि इस गाने में कितना दम है. क्योंकि ये गाना मैंने भी गया था.

इस अवसर पर नारायण रॉय,कर्णधार-छंदम सहित कई लोग मौजूद थे.

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