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MUKUND JEWELLERS

कॉस्ट्यूम ज्वेलरी में अपना नाम रोशन करते “MUKUND JEWELLERS”

 
 
-मेरे स्टूडेंट्स ही बने मेरे पहले ग्राहक: शरद नखत
 

ज के ज़माने में जो लहरों के साथ चलता है वही सुखी जीवन व्यतीत करता है. लेकिन जो शख्स चुनौतियों को स्वीकार कर अपनी मंज़िल खुद तय करता है, पूरी दुनिया उसके सामने झुकने पर मजबूर हो जाती है. कुछ ऐसी ही कहानी है कलाकार स्ट्रीट स्थित मुकुंद ज्वेलर्स के पार्टनर श्री शरद नखत की. शरद जो की बचपन से ही काफी मेघावी थे. उन्होंने अपनी सीए और सीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद स्टूडेंट्स को पढ़ाना ही अपना पेशा बना लिया था. यहां तक की वे पढ़ाने की खातिर महीने में 20 से 25 दिनों तक बाहर ही रहते थे. सिर्फ महानगर में ही नहीं बल्कि बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद और जयपुर में भी उनके स्टूडेंट्स थे. सब कुछ ठीक ही चल रहा था, लेकिन एक दिन अचानक उनके सामने एक ऐसा माहौल आया जिसमें से उन्हें किसी एक को चुनना था, फैमिली या सर्विस. और तब जाकर उन्होंने अपनी फैमिली बिज़नेस को अपनाया. यानी की कलाकार स्ट्रीट स्थित अपनी दादाजी की बनाई गई ज्वेलरी रिटेल शोरूम “मुकुंद ज्वेलर्स”. यह शोरूम १९९० में स्थापित हुई थी जो कॉस्ट्यूम ज्वेलरी बनानेवाली संस्थाओं में से एक थीं. पहले तो उन्हें सब कुछ अजीबों-गरीब लगता था. क्योंकि शोरूम में बैठने पर कोई आकर कंगन, तो कोई झुमके,तो कोई कानों की बाली के लिए पूछता था. उन्हें तो एक पल के लिए लगने लगा था कि वे यहां क्या कर रहे हैं. पर उन्होंने अपने आप को बिज़नेस से बांधे रखा और एकाएक दुकानदारों, कारीगरों, बुटिक ओनर्स, होलसेलर्स इत्यादि के साथ अपने संबद्ध बनाते गए और तब जाकर बिज़नेस में उन्हें एक पकड़ मिली. उन्हें लगा कि नहीं यहां पर रहकर ही कुछ करना होगा. तब मुकुंद ज्वेलर्स में होलसेल और मैन्यूफैक्चरिंग नहीं हुआ करता था. उनको लगा यही वो जगह है जिसे अब तैयार करने का वक़्त आ चुका है. ये सब बातें महज़ 2015 की थी और आज यही बिज़नेस कहां से कहां तक पहुंच गया है. पूरे भारतवर्ष में ही नहीं बल्कि इनका सामान यूएस,यूके और अफ्रीका जैसे देशों में भी एक्सपोर्ट होता है

आपको बता दे, महानगर में आज मुकुंद ज्वेलर्स के 3 शोरूम खुल चुके हैं.
 
हाल ही में महानगर के कलाकार स्ट्रीट स्थित मुकुंद ज्वेलर्स के आउटलेट कम होलसेल यूनिट में मेरी शरद नखत से एक खास मुलाक़ात हुई और उस दौरान उनसे किये गए एक सवाल कि क्या आज भी आपको पुराने दिन याद आते हैं, जब आप एक शिक्षक की भूमिका में थे, के जवाब में उन्होंने कहा, आज भी मेरे स्टूडेंट्स मुझे उस वक़्त की याद दिलाया करते हैं. सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि वही स्टूडेंट्स ही मेरे पहले ग्राहक बने.
 
मुकुंद ज्वेलर्स की क्या खासियत है, पूछने पर उन्होंने कहा, पहली बात है अपनी लोकेशन. जैन धर्मशाला के अंदर और कलाकार स्ट्रीट में होने की वजह से यहां ठहरने आये हर एक ग्राहक तक हम पहुंच सकते हैं. चाहे वह नार्थ का हो या साउथ का, जैसलमेर, राजस्थान, कछ, दिल्ली, मुम्बई, मद्रास,कन्याकुमारी,छत्तीसगढ़ या किसी अन्य जगह के हों, सभी अपने ग्राहक हैं. इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट होने की वजह से यहां चीज़े सस्ते भाव में मिलती है.
 
उन्होंने आगे कहा, एडी, कुंदन,एंटीक से लेकर हर एक फैशनेबल चीज़े यहां उपलब्ध हैं.
 
कीमतों के बारे में बातचीत करते हुए शरद ने कहा, यहां आपको 5 रुपये से लेकर 15000 रुपये तक के सामान मिलेंगे.
उन्होंने कहा, इमीटेशन ज्वेलरी आज सबकी ज़रुरत साबित हो चुकी है, इसलिए हम फ्रेंचाइजी खोलने के लिए भी सभी का आह्वान कर रहे हैं. हमने ९२.५ प्रतिशत प्यूरिटी वाली स्टर्लिंग सिल्वर पर भी काम करना शुरू कर दिया है, ताकि अपने कलेक्शंस में और इज़ाफ़ा हो. और तो और कमपनी के प्रमोशन के लिए हर एक डिजिटल प्लेटफार्म का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.
 
आपको बता दे, शरद आज मानते हैं कि उन्होंने बिज़नेस में आकर जो हासिल किया है, वह एक नौकरी के बदौलत कदापि हासिल करना संभव नहीं हो सकता था. क्योंकि बिज़नेस में प्रॉफिट की कोई सीमा नहीं होती है. लेकिन नौकरी में सैलरी की सीमा पहले से ही तय कर दी जाती है.
 
शरद ! आपकी रफ़्तार काफी तेज़ है और ऐसा सोचना कभी गलत नहीं होगा कि सफलता के शिखर तक पहुंचना तो कोई आपसे सीखे.
 

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